Sanatan Wisdom | Culture | Heritage | Science | Insights | Curiosity
“आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” (ऋग्वेद – 1.89.1)
“Let noble thoughts come to us from all directions”
Highlights | इस लेख में…..
इस श्रृंखला में…
- नवदुर्गा कौन हैं — नौ अलग देवियाँ या एक ही महामाया के नौ स्वरूप?
- शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक नवदुर्गा का शास्त्रीय क्रम
- प्रत्येक देवी के प्राकट्य की कथा और उसका ग्रंथ-आधार
- हर स्वरूप के नाम का अर्थ और उस नाम के पीछे का प्रसंग
- देवी के स्वरूप, आयुध, वाहन और विशेष लक्षणों का शास्त्रीय उल्लेख
- सती, पार्वती, काली, गौरी, दुर्गा और महामाया जैसे नामों का आपसी संबंध
- प्रत्येक स्वरूप से जुड़े प्रमुख देवकार्य और पुराणिक प्रसंग
- लोकप्रिय मान्यताओं और वास्तविक शास्त्रीय प्रमाण के बीच अंतर
- जहाँ उपलब्ध हों, मूल संस्कृत श्लोक — स्रोत और श्लोक-संख्या सहित
- नवदुर्गा के नौ रूपों को एक सतत कथा और साधना-क्रम के रूप में समझने का प्रयास
Latest Articles:
Fresh insights, stories, and discoveries from TheWhyLens.
-

क्या आपकी जेब में रखा पैसा “असली” है ?
शृंखला – सोच और समाज …
-

At 40°C, Europe Buckled.
Written By: Kuldeep Thusu ‘Pumposh’ Melting Roads. Scorching Cities. Drying Rivers — Understanding the Science Behind Europe’s Extraordinary Heatwave.…
-

यूरोप की अग्निपरीक्षा !
लेखक: कुलदीप ठुसू ‘पम्पोष’ पारा 40 के पार… और चरमरा गई पूरी व्यवस्था! सड़कें पिघलीं, शहर झुलसे, नदियाँ सूखीं—…
-

The Mysterious World of Sleep!
Written By Kuldeep Thusu ‘Pumposh.’ The Mysterious World of Sleep! What Really Happens When You Fall Asleep? Every one…
-

क्या तर्जनी पापी है? दोषी है?
लेखक – कुलदीप ठुसू ‘पम्पोष’ क्या तर्जनी पापी है? तर्जनी — वही, अंगूठे के ठीक बगल वाली उँगली, जिसे…
-

महाभारत: कथा से परे एक पड़ताल
लेखक : कुलदीप ठुसू ‘पम्पोष’स्वतंत्र लेखक एवं शोधकर्ता इतिहास, मिथक, विभिन्न संस्करणों और आधुनिक शोध के आलोक में महाभारत…
-

नींद की रहस्यमय दुनिया ! Brain की Night Shift !
नींद की रहस्यमय दुनिया ! हम जब सो रहे होते हैं, तब हम सब ने कई सारे विचित्र…
-

Lionel Messi:
The Boy Who Refused to Give Up. Millions dream of becoming footballers. Very few changes in the history of…
Contact & Contribute
Have a question, suggestion, or feedback? We’d love to hear from you. Whether you wish to contribute, collaborate, or simply connect with us, feel free to get in touch. Connect at: editor@thewhylens.com
The views expressed by contributors are their own and do not necessarily reflect the views of TheWhyLens.


